पूर्व सीएम सलाहकार संयम लोढ़ा नई दिल्ली में केंद्रीय भूतल मंत्री नितिन गडकरी से मिले

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एनएच 168 के सिरोही बाईपास को मास्टर प्लान के अनुरूप स्वीकृत करने की मांग

सिरोही/जयपुर/दिल्ली। पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार संयम लोढ़ा ने केंद्रीय राष्ट्रीय राजमार्ग एवं भूतल मंत्री नितिन गडकरी से नई दिल्ली में उनके सरकारी आवास पर मुलाकात कर राष्ट्रीय राजमार्ग 168 सिरोही से मंडार के सिरोही बाईपास /अलाइनमेंट के मामले में पुनर्विचार करने का आग्रह किया। लोढ़ा ने उनसे कहा कि अभी जो बाईपास विभाग द्वारा स्वीकृत किया गया है वह जनहित में नहीं है। राजस्थान सरकार के द्वारा स्वीकृत 2031 तक के लिए सिरोही के मास्टर प्लान में जो बाईपास स्वीकृत किया गया है उसे ही एनएच 168 के तहत सिरोही का बाईपास स्वीकृत किया जाए। साथ ही उन्होंने बताया कि सिरोही बाईपास का एलाइनमेंट स्वीकृत किया गया है उसकी भूमि अधिग्रहण की कुल लागत 187 करोड़ 33 लाख 48 हजार 78 रुपए आ रही हैं इसके विपरित राज्य सरकार के द्वारा 2031 के मास्टर प्लान में स्वीकृत बायपास की लागत मात्र 84 करोड़ 42 लाख 92 हजार 883 रुपए हैं।

लोढ़ा ने मंत्री गडकरी को बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-168 के सिरोही-रेवदर मंडार खण्ड के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार की गई हैं। सिरोही शहर बाईपास के लिए विभिन्न एलाइनमेंट विकल्पों का विस्तृत तकनीकी परीक्षण दिनांक 20.08.2025 को कार्यालय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में गठित्त अलाइनमेंट अप्रूवल कमेटी द्वारा किया गया, जिसमें सड़क की लंबाई, भूमि अधिग्रहण, निर्माण की व्यवहार्यता, भू-आकृतिक स्थिति, यातायात संचालन, सुरक्षा तथा परियोजना लागत जैसे प्रमुख तकनीकी मानकों का तुलनात्मक अध्ययन किया गया।

उक्त परीक्षण में अलाइनमेंट अप्रूवल कमेटी द्वारा एक ऐसे एलाइनमेंट पर सहमति प्रदान की गई है जिसकी कुल लंबाई लगभग 8.689 किमी है तथा यह राष्ट्रीय राजमार्ग 168 से प्रारम्भ होकर 220 केवी ग्रिड स्टेशन के समीप समाप्त होता है। यह एलाइनमेंट सिरोही शहर की आबादी के अत्यंत निकट से गुजरता है तथा प्रस्तावित एलाइनमेंट मौजूदा राजमार्ग और सिरोही शहर के लिए मास्टर प्लान में प्रस्तावित बाईपास मार्ग के मध्य से होकर गुजरता है, जिसके कारण भविष्य में शहर के नियोजित विकास एवं सड़क नेटवर्क के समुचित विस्तार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त शहर के समीप उच्च गति वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के संचालन से स्थानीय यातायात के साथ टकराव की स्थिति उत्पन्न होने तथा दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ सकती है। साथ ही इस एलाइनमेंट में भूमि अधिग्रहण की लागत अधिक होने तथा बड़ी संख्या में प्रभावित व्यक्तियों के सामाजिक जीवन के पुनर्वास की आवश्यकता उत्पन्न होने की संभावना भी है। इन सभी तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए यह एलाइनमेंट सिरोही बाईपास के लिए उपयुक्त एवं दीर्घकालिक दृष्टि से लाभकारी विकल्प प्रतीत नहीं होता है।

लोढ़ा ने उन्हें बताया कि उक्त परीक्षण के दौरान एक अन्य एलाइनमेंट पर भी विचार किया गया, जिसकी कुल लंबाई लगभग 11.00 किमी है तथा यह राष्ट्रीय राजमार्ग 62 एवं राष्ट्रीय राजमार्ग 168 जंक्शन से प्रारम्भ होकर नगर के प्रस्तावित नियोजित (मास्टर प्लान) सड़क नेटवर्क से जुड़ता है। यह शहर की घनी आबादी से अपेक्षाकृत अधिक दूरी बनाए रखते हुए गुजरता है, जिससे भविष्य में शहर के शहरी विस्तार, यातायात प्रबंधन तथा दीर्घकालिक दृष्टि से संतुलित शहरी विकास के लिए यह अधिक उपयुक्त प्रतीत होता है। साथ ही यह एलाइनमेंट शहर से दूर होने की वजह से भूमि अधिग्रहण की लागत भी कम आने की संभावना है, जिससे परियोजना का क्रियान्वयन अधिक व्यवहार्य हो सकता है। इसके अतिरिक्त इस एलाइनमेंट के माध्यम से भविष्य में शहर के भीतर भारी यातायात के दबाव को कम करने तथा यातायात सुरक्षा को बेहतर बनाने की भी पर्याप्त संभावनाएँ दिखाई देती हैं।

अतः उपर्युक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए यह निवेदन है कि सिरोही शहर के दीर्घकालिक शहरी विकास, यातायात प्रबंधन एवं जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उस एलाइनमेंट पर पुनर्विचार किया जाना आवश्यक है जो शहर की आबादी के अत्यंत निकट से गुजरता है। इसके स्थान पर उस एलाइनमेंट को प्राथमिकता दी जाना अधिक उपयुक्त प्रतीत होता है जो राष्ट्रीय राजमार्ग 62 एवं राष्ट्रीय राजमार्ग 168 जंक्शन से प्रारम्भ होकर नगर के प्रस्तावित मास्टर प्लान सड़क नेटवर्क से जुड़ता है तथा शहर से अपेक्षाकृत अधिक दूरी बनाए रखते हुए गुजरता है।

लोढ़ा मंत्री गडकरी से इस सम्बंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश प्रदान कर उक्त एलाइनमेंट पर पुनर्विचार करवाने के साथ अंतिम निर्णय होने तक प्रस्तावित सिरोही बाईपास के लिए चल रही भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को अस्थायी रूप से स्थगित रखने के निर्देश देने की मांग की ताकि अनावश्यक भूमि अधिग्रहण एवं प्रशासनिक जटिलताओं से बचा जा सके।*जालौर सिरोही को एनएच घोषित करने की मांग -* लोढ़ा ने गडकरी से जालौर सिरोही को एनएच घोषित करने की मांग की। उन्हें 2023 में उनके द्वारा दिए गए उत्तर की प्रति भी उनके समक्ष प्रस्तुत की जिसमें 2023 में उन्होंने वायदा किया था कि वे इसे एनएच घोषित कर देंगे लेकिन अभी तक नहीं हो पाया। इस पर गडकरी ने कहां की आप तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी से एनओसी ले आओ और प्रधानमंत्री जी एनओसी देंगे तो मैं घोषित कर दूंगा।

Rajasthan Tv 24
Author: Rajasthan Tv 24

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