निकायों से स्वीकृत योजनाओं का रिकॉर्ड मांगा: लोगों को ठगने से बचाने के लिए रेरा राजस्थान का महत्वपूर्ण कदम –
जयपुर। प्रदेश के शहरों में बिना रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) रजिस्ट्रेशन के ही मकान और भू-खंड बेचे जाने के कई मामले सामने आ रहे हैं। इससे आम लोग फंस रहे हैं। अब रेरा ने इस पर सख्ती दिखाते हुए विकास प्राधिकरणों, नगर विकास न्यास और नगरीय निकायों से अब तक स्वीकृत सभी बिल्डिंग व आवासीय योजनाओं के रिकॉर्ड तलब कर लिए हैं।
इनमें वर्ष 2017 से अब तक स्वीकृत सभी बिल्डिंग और आवासीय योजना शामिल है। विकास प्राधिकरणों और नगरीय निकायों की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी। बताया जा रहा है कि कई प्रोजेक्ट ऐसे हैं जिनमें बिल्डर ने रेरा में रजिस्ट्रेशन ही नहीं कराया, लेकिन प्राधिकरणों और निकायों ने उनका नक्शा पास कर दिया। इनमें कुछ वर्षों पहले स्वीकृत प्रोजेक्ट शामिल हैं। ऐसे प्रोजेक्ट में फ्लैट या भू-खंड बेचना नियमों के खिलाफ है।
500 वर्गगज से अधिक क्षेत्रफल के भू-खंड पर बनने वाले फ्लैट प्रोजेक्ट
08 या अधिक फ्लैट बने हो, भले ही कम क्षेत्रफल का भू-खंड हो
यहां करें शिकायत
कार्यालयः उद्योग भवन परिसर
फोन नम्बरः 0141-2851900
complaint.rera@rajasthan.gov.in
पर ई-मेल कर सकते हैं।
न रेरा नंबर, न नक्शा मंजूर
शहर में जगह-जगह प्रॉपर्टी बेचने के पम्फलेट बांटे जा रहे हैं। इनमें बुकिंग पर लक्की ड्रा, गिफ्ट और इनाम जैसे लालच दिए जा रहे हैं। इन पम्फलेट में न तो रेरा रजिस्ट्रेशन नंबर छपा होता है और न ही स्वीकृत नक्शे की कोई जानकारी होती है।
इस तरह पता करें प्रॉपर्टी की जानकारी…
रेरा वेबसाइट पर सर्च का विकल्प है। इसमें प्रोजेक्ट का नाम, रजिस्ट्रेशन नम्बर या प्रमोटर नाम से ही प्रोजेक्ट सर्च किया जा सकता है। इसमें संबंधित प्रोजेक्ट के रजिस्ट्रेशन से लेकर उसका नक्शा, निर्माण के हर चरण की जानकारी मिलेगी।
प्रोजेक्ट पूर्ण अवधि, कारपेट एरिया की जानकारी भी पता की जा सकती है। यह भी आसानी से पता किया जा सकता है कि जिस आवासीय या कॉमर्शियल प्रोजेक्ट में आप प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं, क्या वह रजिस्टर्ड भी है या नहीं।
यहां सख्ती भी बरकरार…
यदि कोई प्रमोटर लगातार
तीन तिमाही प्रोग्रेस रिपोर्ट नहीं देगा, तो सिस्टम स्वतः ही नॉन-कंप्लायंस (पालना नहीं) की प्रक्रिया शुरू करेगा और प्रोजेक्ट को लेप्स भी घोषित किया जा सकता है।








