“निविदा में नई तरकीब: पोर्टल से फॉर्म डाउनलोड करो… पर मान्य नहीं!”
नगर पालिका की शर्तों पर उठा सवाल, समिति बोली—नियमों को साइड में रखकर बनाई गई निविदा

शिवगंज। नगर पालिका द्वारा विभिन्न सामग्री आपूर्ति व कार्यों के लिए जारी की गई निविदाओं की शर्तों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शांति पर्यावरण एवं वन विकास समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा ने सोमवार को नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निविदा प्रक्रिया में कथित नियम विरुद्ध शर्तें लगाए जाने का आरोप लगाया। ज्ञापन में बताया गया कि पालिका की ओर से 10 मार्च से 13 मार्च 2025 तक विभिन्न सामग्री आपूर्ति एवं कार्यों के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। इनमें यह शर्त रखी गई है कि ऑनलाइन एसपीपीपी पोर्टल से डाउनलोड किए गए निविदा प्रपत्र में प्रस्तुत निविदा मान्य नहीं होगी। समिति का कहना है कि यह शर्त आरटीपीपी नियम 2013 के नियम 45(1) व (3) का स्पष्ट उल्लंघन है।
समिति अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि आरटीपीपी एक्ट 2012 और आरटीपीपी नियम 2013 के प्रावधानों के तहत निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा बनाए रखना अनिवार्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनस्वास्थ्य सामग्री एवं दवाइयों की आपूर्ति से जुड़ी निविदा में स्वायत्त शासन विभाग द्वारा जारी स्टैंडर्ड बिड डॉक्यूमेंट के विपरीत शर्तें रखी गई हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा सीमित होने की आशंका है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि सेफ्टी जैकेट, सेफ्टी हेलमेट, गम बूट, फूल झाड़ू, खराड़ा झाड़ू, वाइपर व टॉयलेट ब्रश जैसी सामग्री की आपूर्ति के लिए तीन वर्ष का अनुभव और कीटनाशक लाइसेंस की अनिवार्यता जैसी शर्तें लगाई गई हैं। समिति का कहना है कि इन शर्तों से प्रतिस्पर्धा घटेगी और इससे नगर पालिका को राजस्व हानि हो सकती है। समिति ने ज्ञापन के माध्यम से निवेदन किया है कि निविदा की शर्तों को स्टैंडर्ड बिड डॉक्यूमेंट तथा आरटीपीपी एक्ट 2012 व आरटीपीपी नियम 2013 के अनुरूप संशोधित किया जाए तथा नियम विरुद्ध शर्तों को हटाया जाए, ताकि निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित हो सके। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि मनमानी शर्तें नहीं हटाई गईं तो संबंधित प्रावधानों के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी।





