सरदार पटेल के विचार आज भी राष्ट्र की एकता के आधार हैं- संयम लोढ़ा
शिवगंज 31अक्टूबर। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, शिवगंज नगर कांग्रेस कमेटी की ओर से शुक्रवार को स्थानीय कांग्रेस कार्यालय में देश की पूर्व प्रधानमंत्री एवं आयरन लेडी स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि तथा स्वतंत्र भारत के प्रथम उपप्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में श्रद्धांजलि एवं प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया।

शिवगंज नगर कॉंग्रेस अध्यक्ष डॉ. हनवंत सिंह मेड़तिया ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार श्री संयम लोढ़ा रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष श्री वजिंग राम घांची ने की।
कार्यक्रम का आरंभ दोनों महान नेताओं की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर तथा दो मिनट का मौन रखकर किया गया।
अपने उद्बोधन में संयम लोढ़ा – ने कहा कि भारत की राजनीति में अगर किसी महिला ने अपने साहस, दृढ़ता और दूरदर्शिता से विश्व में भारत की पहचान बनाई, तो वह थीं इंदिरा गांधी।
उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने हरित क्रांति, बैंकों का राष्ट्रीयकरण, गरीबी उन्मूलन और 1971 के भारत–पाक युद्ध में निर्णायक विजय के माध्यम से भारत को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया।
लोढ़ा ने इस अवसर पर सरदार वल्लभभाई पटेल के राष्ट्रनिर्माण में योगदान को भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि पटेल ने रियासतों का विलय कर एक अखंड भारत का निर्माण किया।
साथ ही उन्होंने पटेल के उन वक्तव्यों का उल्लेख किया जिनमें उन्होंने आरएसएस जैसी संस्थाओं की सांप्रदायिक गतिविधियों को लेकर चेतावनी दी थी।
लोढ़ा ने कहा –1948 में महात्मा गांधी की हत्या के बाद सरकार ने RSS पर प्रतिबंध लगाया था। उस समय सरदार पटेल (भारत के गृह मंत्री) ने RSS प्रमुख माधव सदाशिव गोलवलकर (गुरुजी) और अन्य नेताओं को कई बार पत्र लिखकर यह बताया था कि RSS की कुछ गतिविधियाँ और भाषण देश की एकता, शांति और संविधान के खिलाफ हैं।
“सरदार पटेल ने कहा था कि जो संगठन धर्म के नाम पर ज़हर फैलाते हैं और समाज में विभाजन की दीवार खड़ी करते हैं, वे देशहित में नहीं हैं। आज हमें उनके उन विचारों को आत्मसात करने की आवश्यकता है।”
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे धर्मनिरपेक्षता, एकता और संविधान की रक्षा के लिए इंदिरा गांधी और सरदार पटेल के आदर्शों को अपनाएं। नगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. मेड़तिया ने कहा कि इंदिरा गांधी का संपूर्ण जीवन देश के नाम समर्पित रहा।
“श्रीमती गाँधी ने कहा था – ‘मेरा जीवन देश के लिए है और देश के लिए ही मेरा अंत होगा।’
उनका यह वाक्य उनकी देशभक्ति और निडरता का परिचायक है।”
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की दृढ़ इच्छा शक्ति और नेतृत्व ने आज़ादी के बाद बिखरी रियासतों को एकजुट किया और भारत को एक अखंड राष्ट्र बनाया।उनसरदार पटेल ने साफ कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है, किसी एक धर्म की सत्ता थोपना संविधान के विरुद्ध है।
RSS की गतिविधियाँ राज्य के लिए खतरा थीं”
18 जुलाई 1948, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को पत्र में:
मुझे इस बात में कोई संदेह नहीं कि हिंदू महासभा का उग्र हिस्सा इस साजिश (गांधीजी की हत्या) में शामिल था।
RSS की गतिविधियाँ सरकार और राज्य के अस्तित्व के लिए स्पष्ट खतरा बन गई थीं।”
पटेल ने माना कि RSS की उस समय की गतिविधियाँ सरकार की स्थिरता के लिए ख़तरनाक थीं।
कार्यक्रम के अंत में नगर पालिका अध्यक्ष श्री वजिंग राम घांची ने उपस्थित सभी अतिथियों, कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और नागरिकों का आभार प्रकट किया।
उन्होंने कहा कि आज की श्रद्धांजलि सभा हमें याद दिलाती है कि राष्ट्र निर्माण में एकता, सेवा और समर्पण ही सबसे बड़ी शक्ति है।
कार्यक्रम में यूथ काँग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश मीणा,एनएसयू आई जिलाध्यक्ष चंपा लाल तिरगर, पूर्व यूथ जिलाध्यक्ष कुशल सिंह देवड़ा,श्रीमती जूली जैन, पुरुषोत्तम मिन्हास ,हडमत सिंह वेरा, जगवीर सिंह गोहिल , महेंद्र वाघेला,मनोहर लाल हिंडोनिया,दलपत सिंह,दिनेश मीणा,प्रकाश कुमार,राहुल चावरिया,शहजाद शाह,रघुनाथ मीणा,अरविंद कुमार छिपा,नगर कांग्रेस कार्यकारिणी के पदाधिकारी, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवादल एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं नागरिक उपस्थित रहे।








