5 – 6 साल में डिस्कॉम के शिवगंज स्टोर से नए ट्रांसफार्मर जारी करवाते रहे, पुराने वापस जमा ही नहीं हुए

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अच्छे ट्रांसफार्मर को जला बताया, 909 ट्रांसफार्मर और 23 हजार लीटर ऑयल गायब, 5 करोड़ का घोटाला ! डिस्कॉम के 7 अफसरों व कर्मचारियों ने मिलकर की बड़ी गड़बड़ी

  • शिवगंज पालड़ी डिस्कोम में पड़े ट्रांसफार्मर ऑयल के खाली खोके

जोधपुर ( शिवगंज ) खेतों में पूरी बिजली पहुंचाने के लिए डिस्कॉम ने तो करीब एक हजार नए ट्रांसफॉर्मर खरीद लिए थे लेकिन अफसरों-कार्मिकों की मिलीभगत के चलते ये खंभों पर पहुंचने की बजाय गायब हो गए। ऐसे करीब 909 ट्रांसफार्मर के घपले का खुलासा हुआ है और बताया जा रहा है कि ये ट्रांसफॉर्मर बाजार में बिक चुके हैं। अब ऐसा करने वालों के खिलाफ डिस्कॉम प्रशासन पुलिस में केस दर्ज कराने के साथ साथ सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

मामला सिरोही जिले का है। यहां शिवगंज उपखंड सहित दो अलग-अलग स्टोर से 909 अलग-अलग श्रेणी के कृषि कनेक्शन के ट्रांसफार्मर बेचे गए हैं। 5-6 सालों में जलने या खराब होने पर स्टोर से 1075 ट्रांसफार्मर जारी किए गए इनमें से सिर्फ 166 ट्रांसफार्मर ही जमा करवाए गए और 909 ट्रांसफार्मर – स्टोर में पहुंचे ही नहीं। इस घोटाले को लेकर डिस्कॉम के चार इंजीनियर्स सहित आठ लोग लिप्त पाए गए हैं। इनमें तत्कालीन सिरोही एक्सईएन तरूण खत्री, शिवगंज एईएन अशोक मीणा, एनईएन राजेश सोनी, पालड़ी जेईएन गोविंद राठौड़, अकाउंटेंट कृष्णा मीणा, सहायक लेखाधिकारी केशवदत्त, स्टोर कीपर भैराराम, ठेकेदार प्रतिनिधि महेश गुप्ता शामिल हैं। हालांकि टेक्निकल ऑडिट में इससे भी बड़ा घोटाला खुलने की संभावना है।

यही नहीं ट्रांसफार्मर बदलने के लिए लिफ्टर वाहन मौजूद होने के बावजूद जिस फर्म को ठेका दिया गया उसने भी दो फर्जी बिल उठा लिए। घोटाले की जानकारी मिलने के बाद अब जोधपुर डिस्कॉम मुख्यालय आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के साथ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाने की तैयारी कर रहा है।

डिस्कॉम के 7 अफसरों व कर्मचारियों ने मिल की बड़ी गड़बड़ी

तीन तरह से घोटाले को दिया अंजाम, ट्रांसफार्मर, ऑयल सहित अन्य सामान के बाजार में बेचने की संभावना

1 – जले हुए ट्रांसफार्मर बदलने के लिए सिरोही एक्सईन ऑफिस में प्रति माह 2.71 लाख रुपए किराए पर दो लिफ्टर वाहन पहले से ही थे। इसके बावजूद सिरोही एक्सईएन ने जले या खराब ट्रांसफार्मर बदलने को 2023 में हिंडोन सिटी के मैसर्स श्याम इलेक्ट्रिकल को दो अलग-अलग वर्क ऑर्डर दे दिए। इस फर्म के साथ इंजीनियर्स ने मिलीभगत कर दो साल में करीब 584 ट्रांसफर्मर और 23 हजार लीटर ऑयल स्टोर में जमा नहीं कराया गया। इस फर्म को ट्रांसफार्मर बदलने के गेट पास जारी होने का रिकार्ड व स्टॉक रजिस्टर में एंट्री नहीं हैं। साथ ही किस लोकेशन पर बदला गया, ये भी नहीं बताया गया यानी नए ट्रांसफार्मर के बदले पुराने जमा ही नहीं कराए। सीधे नए ट्रांसफार्मर बेच दिए गए या फिर पुराने रिप्लेस कर बेच दिए।

2 – पालड़ी जेईएन ने ट्रांसफार्मर जलने की झूठी सूचना देकर इसकी रिपोर्ट शिवगंज एईएन ऑफिस में सब्मिट की और स्टोर से नए ट्रांसफार्मर ले लिए। इसका उल्लेख शिवगंज एईएन ने गत 27 मार्च को एसई ऑफिस में भेजे पत्र में किया है। पालड़ी व पोसालिया 11 केवी एसएस में श्री फेज व सिंगल फेज के 50 से ज्यादा ट्रांसफार्मर की खाली बॉडी पड़ी थी। अंदर बाइडिंग, कोर व तेल गायब मिला। इसी तरह अन्य जीएसएस के स्टोर में भी अंदर का सामान बेचा गया, इसकी संख्या भी ज्यादा है।

3 – विश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिली है कि कृषि कनेक्शन के लिए जारी किए गए सामान में भारी घोटाला किया गया है। शिवगंज व जावाल एईएन ऑफिस के रिकार्ड के अनुसार मौके पर लगे ट्रांसफार्मर व पोल की संख्या व बिलों में लगाए गए नंबर अलग-अलग पाए गए हैं। इसकी भी टेक्निकल जांच करवाई जा रही हैं।

घोटाले मैं शामिल अधिकारी वर्तमान में निम्न जगह पदास्थापित है –

तरुण खत्री एक्स ईएन सिरोही, अशोक मीणा एईएन सुमेरपुर में एक्सईएन, राजेश सोनी ए ई एन सांडेराव (पाली) गोविंद राठौड़ जेईएन कालांदी (सिरोही) केशव दत्त सहायक लेखाधिकारी सिरोही, भेराराम स्टोर कीपर शिवगंज (सिरोही)

5 करोड़ से ज्यादा का नुकसान, 28 लाख का डीजल भी बेचा। शिवगंज एईएन ऑफिस में 5-6 साल की अवधि में गायब हुए 909 ट्रांसफार्मर की कीमत पांच करोड़ रुपए से ज्यादा आंकी गई है। इसमें सुरक्षा के लिए भरा जाने वाला 36 हजार लीटर ऑयल भी बेच दिया गया। इसकी कीमत करीब 28 लाख रुपए बताई जा रही है। अब डिस्कॉम की टीमें उनका पता लगा रही हैं जिन्हें ट्रांसफार्मर बेचे गए।

फर्जी बिल बनाए,सुपर वाइजर को ठहराया जिम्मेदार-

ठेका फर्म मैसर्स श्याम इलेक्ट्रिकल ने 139 जले ट्रांसफार्मर बदलने का फाइनल बिल पेश किया लेकिन स्टोर में इसका रिकार्ड व एंट्री नहीं हैं। इसके बावजूद सिरोही के लेखाधिकारी ने 2.61 लाख रुपए का भुगतान कर दिया। इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर फर्म के मालिक अजयसिंह राठौड़ ने पत्र भेजकर बताया कि उक्त दोनों कार्य नहीं किए गए। मेरे सुपरवाइजर महेशचंद्र गुप्ता ने फर्जी बिल पेश कर राशि प्राप्त कर दी। घपला सामने आते ही बचाव के लिए सिरोही लेखाधिकारी द्वारा दोनों बिलों की राशि को एमडी होल्ड करवाकर काटी गई।

आरोपियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई –

शिवगंज उपखंड में ट्रांसफार्मर व सामान गायब होने का मामला सामने आया है। इसकी विस्तृत जांच करवाने के साथ ही इसमें लिप्त इंजीनियर्स व कार्मिकों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।
डॉ.भंवरलाल, एमडी, जोधपुर डिस्कॉम

Rajasthan Tv 24
Author: Rajasthan Tv 24

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