
शिवगंज। राजस्थान सरकार की ओर से केबिनेट की बैठक के बाद तत्कालीन कांग्रेस सरकार के शासनकाल के अंतिम दिनों में प्रदेश में 33 जिलों को बढाकर 50 जिले कर दिए जाने के फैसले पर पुर्नविचार करते हुए इनमें से नौ जिलों और तीन संभाग को खत्म करने के फैसले को भाजपा जिला महामंत्री योगेन्द्र गोयल ने सरकार की ओर से जनहित में लिया गया फैसला बताते हुए इस निर्णय का स्वागत किया है।
गोयल ने बताया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अपने शासन काल के आखिरी दिनों में बिना कोई ढांचागत सुविधाओं के महज राजनीतिक लाभ लेने के चक्कर में जिलों की संख्या बढाकर 50 कर दी थी। गोयल ने बताया कि गहलोत सरकार ने इन जिलों के गठन से पूर्व वहां के क्षेत्रफल, जनसंख्या, विधानसभा, पंचायत समिति आदि का ख्याल रखा जो कि किसी तरह से न्याय संगत नहीं कहा जा सकता। गोयल ने बताया कि ठीक चुनाव से पहले इस तरह का निर्णय लेना जनता के हितों के साथ कुठाराघात था। महज राजनीतिक लाभ उठाने के लिए इस तरह के फैसले का जनता ने भी साथ नहीं दिया और कांग्रेस को प्रदेश में बुरी हार का सामना करना पडा। अब प्रदेश में भाजपा सरकार ने कांग्रेस सरकार के इस निर्णय पर पुर्नविचार कर तीन संभाग और नौ जिलों को खत्म कर दिया है जो कि जनहित में उठाया गया एक अच्छा कदम है। जिसके किसी प्रकार की राजनीतिक दुर्भावना नहीं दिखाई देती।
