पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने परिजनों को ढांढस बंधाया, आधुनिक उपकरणों से खोजबीन कराने का आग्रह

शिवगंज। उपखंड मुख्यालय से महज एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित केसरपुरा का एक मीणा परिवार पिछले दो महीनों से एक अनवरत पीड़ा से गुजर रहा है। अपने लापता बेटे प्रवीण की तलाश में दिन–रात चौखटें नाप रहे इस परिवार पर तीन दिन पूर्व एक और ऐसा असहनीय प्रहार हुआ, जिसने सभी को भीतर तक हिला दिया। प्रवीण के बड़े भाई नंदकिशोर मीणा उर्फ नंदू की पत्नी की अचानक हृदयाघात से मौत हो गई, जबकि परिवार पहले से ही प्रवीण के लापता होने की पीड़ा से जूझ रहा था। दोहरे सदमे ने पूरे परिवार को गहरे अवसाद में धकेल दिया है।
जानकारी के अनुसार करीब दो माह पहले खंगाराराम मीणा का पुत्र प्रवीण मीणा कथित रूप से अपने दोस्तों के साथ बेड़ा नदी गया था। नहाने के दौरान अचानक डूबने की आशंका जताई गई, लेकिन दो महीनों की लगातार खोजबीन के बावजूद उसका कोई सुराग अब तक नहीं मिल पाया है। उसके भाई नंदू ने पुलिस और प्रशासन के सभी दरवाज़ों पर दस्तक दी, नदी के किनारे से लेकर अधिकारियों के कार्यालयों तक, लेकिन आज तक प्रवीण का अता-पता नहीं चल सका। इसी तनाव, चिंता और प्रतिक्षा के बीच उनकी पत्नी ने अचानक दम तोड़ दिया, जिससे पूरा परिवार शोक में डूब गया।

घटना की जानकारी मिलने पर पूर्व विधायक संयम लोढ़ा मंगलवार को खंगाराराम मीणा के घर पहुंचे और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने पाली जिला कलेक्टर एल एन मंत्री से दूरभाष पर बात कर प्रवीण की तलाश के लिए आधुनिक तकनीकों से लैस गोताखोरों को नदी की गहराइयों में उतारने का आग्रह किया। कलेक्टर मंत्री ने इस दिशा में व्यक्तिगत प्रयास करने का भरोसा दिलाया।
लोढ़ा ने परिजनों को यह भी अवगत कराया कि प्रवीण के साथ गए दोस्तों, जिन पर संदेह व्यक्त किया गया है, उनका जयपुर में पॉलीग्राफिक टेस्ट चल रहा है। उन्होंने आशा जताई कि प्रशासनिक प्रयासों और तकनीकी सहायता से जल्द ही कोई ठोस जानकारी सामने आएगी। दोहरे दुख से टूटा यह परिवार अब सिर्फ एक ही उम्मीद पर टिका है कि प्रवीण के बारे में सच जल्द सामने आए और उन्हें मानसिक शांति मिल सके।








