फ्री डायग्नोस्टिक सर्विस इनिशिएटिव योजना के तहत सिरोही में हब एंड स्पोक मॉडल के तहत मिलेगी सुविधा “

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“सिरोही में जिला अस्पताल शिवगंज पर 151 , उप जिला अस्पताल आबू रोड पर 122, 10 सीएचसी पर 105 एवं 11 पीएचसी पर 69 नि:शुल्क जांचो की मिलेगी सुविधा ”

“फ्री डायग्नोस्टिक सर्विस इनिशिएटिव योजना के तहत सिरोही में हब एंड स्पोक मॉडल के तहत मिलेगी सुविधा ”

सिरोही। राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री नि:शुल्क निरोगी राजस्थान योजना के तहत प्रत्येक पीएचसी पर पंद्रह, प्रत्येक सीएचसी पर सैतीस जांचो का प्रावधान है जिसके तहत सीएचसी आबू पर्वत एवं कृष्णगंज में सभी प्रकार की सुविधा उपलब्ध है, सीएचसी सिरोड़ी एवं कैलाशनगर नव क्रमोन्नत होने से सीएचसी स्तर की सुविधाएं नए भवन निर्माण के बाद मिल पाएगी, सीएचसी स्वरूपनगर, सीएचसी रेवदर में बायोकेमिस्ट्री मशीन कंडम हो चुकी है , सीएचसी जावाल, कालंद्री, अनादरा एवं सिलदर में बायोकेमिस्ट्री मशीन उपलब्ध नहीं है , सीएचसी रोहिड़ा में बायोकेमिस्ट्री मशीन खराब है , सीएचसी पिंडवाड़ा में रिएजेंट सीएचसी स्तर पर टेंडर प्रक्रियाधीन है जिससे बायोकेमिस्ट्री की कुल तेरह जाँच नहीं हो पा रही है बाकी अन्य सभी तरह की जांचे यथा बाईस से चौबीस जांचे उपलब्ध है ।
सरकार ने इस तरह की समस्या को देखते हुए ही एवं राज्य में जाँच सेवाओं को सुदृढ़ करते हुए हब एंड स्पोक मॉडल लागू किया है जिसके तहत जिले की कुल 44 संस्थाओ ( पीएचसी/सीएचसी/एसडीएच/डीएच) में से 23 संस्थाओ पर प्रथम फेज में यह व्यवस्था भारत सरकार एवं राजस्थान सरकार की Free Diagnostics Service Initiative (FDSI) गाइडलाइन के अनुरूप स्थापित की गई है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिरोही डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि सरकार द्वारा जिले में एक मदर लैब (ML), दो हब लैब (HL) एवं इक्कीस स्पोक लैब (CHC/PHC स्तर) स्थापित की है जिसके तहत जांचो की सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया गया है। अब जटिल और उन्नत जांचें जिले में ही उपलब्ध होंगी और सैंपल कलेक्शन से रिपोर्टिंग तक पूरी प्रक्रिया डिजिटल एवं समयबद्ध होगी।

*🏥 जिला स्तरीय मदर लैब (ML)*

स्थान: जिला अस्पताल शिवगंज, सिरोही
• कुल 151 प्रकार की उन्नत एवं विशेष जांचें उपलब्ध।
• हेमेटोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, हार्मोन, विटामिन, कैंसर मार्कर, संक्रामक रोग, माइक्रोबायोलॉजी एवं विशेष जांचें (PCR, Viral Load, Immunohistochemistry, Bone Marrow, CD4, TB-PCR आदि)।
• जटिल जांचों की प्रोसेसिंग यहीं की जाएगी।
• EQAS/IQC के माध्यम से त्रैमासिक गुणवत्ता परीक्षण अनिवार्य।

*🏥 हब लैब (HL)*

स्थान: CHC रोहिड़ा एवं SDH आबूरोड
• कुल 122 प्रकार की जांचें उपलब्ध।
• CBC, HbA1c, LFT, RFT, Lipid, Thyroid, Hormone, Vitamin, Cancer Marker, HIV, TB-PCR, Pap Smear, Culture आदि।
• जटिल नमूनों को मदर लैब भेजा जाएगा।

*🏥 CHC स्तर (Spokes)*

सरूपगंज, रेवदर, माउंट आबू, कैलाशनगर , कृष्णगंज ,कालंद्री, जावाल, अनादरा, पिंडवाड़ा
• बेसिक जांचें: CBC, HB, ESR, Platelet, Malaria, Dengue Rapid, HIV Rapid, Sugar, LFT/RFT (Basic), TSH, Pap Smear, TB-Mantoux, RA/CRP/ASLO, G6PD आदि।

*🏥 PHC स्तर (Spokes)*

वीरवाड़ा, तवरी, पोसालिया, पालड़ी एम, नितोडा,मंडार, झाडोली, दांतराई, चनार, भटाना, अल्पा
• CBC, HB, ESR, Malaria Rapid, Sickling Test, Blood Group, PT/APTT, Urine Routine, Stool Test, Basic Sugar/LFT/RFT, TSH, HIV Rapid आदि।

🔷 * प्रमुख विशेषताएं*

✔ *पूरी तरह नि:शुल्क जांच*
• किसी भी मरीज से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

✔ *डिजिटल रिपोर्टिंग (LIS सिस्टम)*
• Laboratory Information System (LIS) लागू।
• रिपोर्ट ऑनलाइन उपलब्ध।
• SMS और ईमेल के माध्यम से रिपोर्ट भेजी जाएगी।

✔*समयबद्ध सैंपल ट्रांसपोर्ट*
• PHC/CHC से प्रतिदिन सैंपल कलेक्शन।
• अधिकतम 2 घंटे में हब/मदर लैब तक पहुंचाना।
• 24×7 सैंपल कलेक्शन व्यवस्था।
• कोल्ड चेन एवं बायोहाज़र्ड पैकेजिंग अनिवार्य।

✔ *गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानक*
• USFDA/European CE प्रमाणित उपकरण।
• AMC/CMC, कैलिब्रेशन व मेंटेनेंस की जिम्मेदारी सेवा प्रदाता की।
• बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2016 के अनुसार निस्तारण।
• यूनिवर्सल प्रीकॉशन का पालन।

✔ *प्रशिक्षित स्टाफ*
• मदर लैब पर पैथोलॉजिस्ट, माइक्रोबायोलॉजिस्ट एवं बायोकेमिस्ट की नियुक्ति संबंधित एजेंसी द्वारा की जाएगी ।
• इंडक्शन ट्रेनिंग (15 दिन) व हर 6 माह में रिफ्रेशर ट्रेनिंग।

✔ *नियमित मॉनिटरिंग*
• जिला स्तर पर मासिक समीक्षा।
• राज्य स्तर पर गुणवत्ता निरीक्षण।
• त्रैमासिक EQAS रिपोर्टिंग।

डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि इस नई व्यवस्था से सिरोही जिले के मरीजों को अब गंभीर एवं उन्नत जांचों के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। जिले में ही निःशुल्क, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध जांच सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और विश्वसनीयता दोनों में उल्लेखनीय सुधार आएगा। उक्त सभी प्रकार की जांचो के लिए उपकरण, मैनपावर एवं रीएजेंट एजेंसी द्वारा ही उपलब्ध करवाया जाएगा जिसका भुगतान सत्यापन के पश्चात राज्यस्तर से ही किया जाएगा । सीएमएचओ डॉ खराडी ने बताया कि संबंधित एजेंसी द्वारा राज्य स्तर से आवंटित सभी संस्थानों पर प्रारंभिक कार्य यथा उपकरण, मैनपावर स्थापित करना प्रारम्भ कर दिया गया है तथा अगले दस से पंद्रह दिनों में सभी प्रकार की जांचे एजेंसी द्वारा उपलब्ध करवा दी जाएगी ।

Rajasthan Tv 24
Author: Rajasthan Tv 24

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