शिवगंज। नगर के आखरिया चौक स्थित सारणेश्वर महादेव मंदिर में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी, महा शिवरात्रि पर भव्य भजन गंगा का आयोजन किया गया। जिसमें भजन कलाकार रेखा सुथार सांचोर, नरेन्द्र आचार्य पाली, स्थानीय कलाकार मनजीत मधुर और युवराज रावल ने भोर तक भजनों की ऐसी गंगा बहाई कि, श्रोता रातभर स्वर लहरियों में डूबे रहे। श्री सारणेश्वर महादेव सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित महा शिवरात्रि महोत्सव रविवार को धूमधाम से मनाया गया। हर वर्ष की भांति इस बार भी द्वादश हिम ज्योतिर्लिंग आकर्षण का केंद्र रहे। श्री सारणेश्वर के दरबार में दर्शनार्थियों ने लम्बी कतार में लगकर खुशहाली और समृद्धि की कामना की। संस्थान के सचिव माणक प्रजापत ने बताया कि, कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। पालड़ी जोड़ स्थित जय श्री शक्ति पीठ के संस्थापक, बाबा ललित भारती महाराज, सदानंद महाराज और इमरती कंवर के आतिथ्य में भजन गंगा सम्पन्न हुई।
संस्थान के सांस्कृतिक मंत्री सोमप्रसाद साहिल से प्राप्त जानकारी के अनुसार गणपति वन्दना और गुरु वन्दना के साथ कार्यक्रम का आगाज युवराज रावल ने किया। रेखा सुथार ने, भोलेनाथ ने मनावण आया, भगवान शंकर के स्याल्दे के साथ कई लोकप्रिय भजनों से ऐसा समा बांधा कि, पंडाल में उपस्थित महिला श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया। मनजीत मधुर ने नगर में जोगी आया गाकर शिव और कृष्ण की लीला का वर्णन किया। माताजी के भजन के साथ मधुर ने कार्यकर्ताओं को नाचने पर मजबूर कर दिया। नरेंद्र आचार्य ने, नोपत नगारा ढोल, हक मत पकड़ो पार्वती और आज तो मारे भोले बाबा आदि भजन सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध किया, साथ ही सभी को थिरकाया। मथुरा आर्ट ग्रुप के झांकी कलाकारों ने शिव- पार्वती विवाह की सुन्दर झांकी प्रस्तुत कर बच्चों और महिलाओं को खूब नचाया। कार्यक्रम का सफल संचालन फालना के भंवर परिहार ने किया। संस्थान अध्यक्ष रमेश मंडोरा, उपाध्यक्ष नारायण लाल घांची, गेनाराम देवासी, अशोक अग्रवाल, कोषाध्यक्ष पूनम सिंह पंवार आदि ने मंदिर और कथा कार्यक्रम में सहयोग के लिए भामाशाहों का सम्मान किया। भजन कार्यक्रम में संस्थान के व्यवस्थापक सतपाल सिंह राठौड़, दिनेश परिहार, रमेश प्रजापत, किस्तूर घांची, प्रदीप प्रजापत, नारायण देवासी, कैलाश घांची, हेमाराम देवासी, चम्पा लाल, प्रेम सिंह पंवार, भंवर लाल, कैलाश कुमार, प्रदीप प्रजापत आदि का आयोजन में विशेष सहयोग रहा।

कथा पूर्णाहुति पर, रुद्र महायज्ञ में दी आहुतियां
सोमवार को सुबह महा शिवरात्रि पर्व के अवसर पर आयोजित शिव महापुराण कथा समापन के उपलक्ष्य में पूर्णाहुति के रूप में रुद्र महायज्ञ का आयोजन हुआ। कथावाचक पंडित कमलकांत पाराशर महाराज ने बताया कि, ये यज्ञ अनन्त कोटि फलदायक है। ये यज्ञ किसी पर्व विशेष पर दुगना फल प्रदान करता है। इस यज्ञ में भाग लेने वाले यजमानों के जीवन को धन्य कर देता है। महायज्ञ के साथ कथा कार्यक्रम और यहां शिवरात्रि पर्व सम्पन्न हुआ। यज्ञ में धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं के साथ संस्थान के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।



