लोढ़ा मनरेगा बचाओ महासंग्राम अभियान को लेकर गांवों में ग्रामीणों से हुए रुबरु

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

भाजपा के लोग सिरोही तहसील के बाकी गांवों को जवाई बांध का पानी उपलब्ध कराने की योजना स्वीकृत करने पर कोई काम नहीं कर रहे हैं – संयम लोढ़ा

लोढ़ा मनरेगा बचाओ महासंग्राम अभियान को लेकर गांवों में ग्रामीणों से हुए रुबरु

सिरोही। पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार संयम लोढ़ा ने कहा कि हमने जवाई बांध में एक हजार एमसीएफटी पानी सिरोही शिवगंज तहसील के आरक्षित कराया और 2023 में शिवगंज तहसील के 71 गांव के लिए जवाई बांध के पेयजल की योजना का काम शुरू कर दिया जो 1 साल विलंबित हो चुकी है इसके साथ ही सिरोही तहसील के आठ गांवों को हमने बत्तीसा बांध पेयजल योजना से जोडा तथा शेष बचे हुए सिरोही तहसील के गांव के लिए हमने जवाई बांध के पानी की डीपीआर बनाई जो जयपुर पड़ी हुई है लेकिन बीजेपी के लोग सिरोही तहसील के बाकी गांवों को जवाई बांध का पानी उपलब्ध कराने की योजना स्वीकृत करने पर कोई काम नहीं कर रहे हैं। लोढ़ा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, सिरोही में मनरेगा बचाओ महासंग्राम अभियान को लेकर गोल, उड़, जावाल, भूतगांव, मनोरा, वराडा, मंडवारियो, नवारा एवं बरलूट में ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे।

लोढ़ा ने कहा कि सिरोही जिले में दर्जनों ग्रामसेवा सहकारी समितियां ऐसी हैं जो किसानों को 1 रूपये का ऋण नहीं दे रही है इनमें से आधा दर्जन से ज्यादा वह समितियां भी शामिल हैं जिनका गठन अशोक गहलोत की सरकार में हुआ था। उन्होंने कहा किसी तरह की कोई मॉनिटरिंग नहीं हैं और कोई ध्यान देने वाला नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि बीजेपी बिजली में लोगों को राहत देने के नाम पर धोखे का पर्याय बन गई है और घरों में और सभी जगह जबरन स्मार्ट चिटर मीटर लगाकर लोगों को आर्थिक रूप से मार रही हैं।

संयम लोढ़ा ने कहा कि हमारी सरकार चिरंजीवी योजना में 25 लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त उपलब्ध करा रही थी अब बीजेपी की सरकार को आयुष्मान कार्ड योजना लेकर आई है, लोग आयुष्मान कार्ड लेकर मारे मारे मारे फिर रहे और किसी तरह का जनता को इलाज नहीं मिल रहा है।

लोढ़ा ने कहा कि पहले मनरेगा के तहत काम तय न्यूनतम मज़दूरी पर दिया जाता था, जिसमें हर साल बढ़ोतरी की जाती थी। साल के 365 दिन काम उपलब्ध रहता था, ताकि ज़रूरत पड़ने पर परिवारों के पास कमाई का विकल्प हमेशा मौजूद रहे लेकिन अब मोदी सरकार के इन बदलावों के तहत मज़दूरी मनमाने ढंग से तय की जाएगी, न तो न्यूनतम मज़दूरी की कोई गारंटी होगी और न ही हर साल बढ़ोतरी का कोई गारंटी। फसल कटाई के मौसम में काम की अनुमति नहीं होगी, जिससे मज़दूरों की अन्य काम देने वालों से बेहतर मज़दूरी की माँग करने की ताक़त कमज़ोर होगी और उन्हें बिना न्यूनतम मज़दूरी के, जो भी काम मिलेगा उसे स्वीकार करने को मजबूर किया जाएगा।
लोढ़ा ने कहा कि आपकी ग्राम पंचायत की शक्तियां ठेकेदारों को सौंपी जा रही हैं। मनरेगा के तहत ग्राम पंचायतों को अपने गाँव के विकास के लिए विभिन्न कार्यों में मज़दूरों को नियोजित करने का अधिकार था। विकास कार्यों की योजना और सिफ़ारिश ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं द्वारा की जाती थी। ठेकेदारों पर प्रतिबंध था-मनरेगा का काम गाँव के विकास के लिए होता था। मज़दूरों को स्थानीय मनरेगा मेट्स का सहयोग मिलता था। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के इन बदलावों के बाद सभी फैसले दिल्ली से रिमोट कंट्रोल के ज़रिये लिए जाएंगे। विकास परियोजनाएँ कुछ सीमित श्रेणियों तक सिमट जाएँगी और योजना से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय मोदी सरकार लेगी। ग्राम पंचायत अपना अधिकार खो देगी और केवल मोदी सरकार के आदेशों को लागू करने वाली एजेंसी बनकर रह जाएगी। ठेकेदारों को लाया जाएगा, और मज़दूरों को ठेकेदारों की परियोजनाओं के लिए लेबर सप्लाई में बदल दिया जाएगा। स्थानीय कार्यों के लिए मनरेगा मेट्स नहीं होंगे। इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष रतन माली, महिला जिलाध्यक्ष रेणुलता व्यास, युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश मीणा, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष चंपालाल , पूर्व जिलाध्यक्ष ऋतिक मेघवाल,जिला संगठन महासचिव जोगाराम मेघवाल, जिला सचिव भूरा राम, पीसीसी सदस्य किशोर पुरोहित, राजू भाई माकरोड़ा, नारायण सुथार, पुनीत अग्रवाल, हिम्मत सुथार, मंडल अध्यक्ष प्रताप राम मेघवाल, शैतान सिंह रावना, देवाराम जामोतरा, सिकंदर खान, भरत राणा, लेखराज ओझा, देवेंद्र सेन, मोहन सीरवी, कल्पेश त्रिवेदी, दिनेश मीणा सहित कांग्रेस जन मौजूद थे।

Rajasthan Tv 24
Author: Rajasthan Tv 24

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें

Buzz4 Ai