योग प्रशिक्षकों को दो माह से मानदेय नहीं मिलने से परिवार की माली हालत खराब

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सिरोही ।  केन्द्र सरकार की योजना राष्ट्रीय आयुष मिशन द्वारा संचालित राजस्थान सरकार के आयुर्वेद विभाग के आयुष हेल्थ एवम् वेलनेस सेंटरों पर योग करवा रहें योग प्रशिक्षक के मानदेय विभाग की लापरवाही से अक्टूबर नवम्बर 2 माह का मानदेय बकाया है राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय /ओषधालय में संचालित आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर पर योग करवाने एवं योग को योग को बढ़ावा देने के लिए आयुर्वेदिक औषधालय में संचालित आयुष हेल्थ एवं वैलनेस सेंटर पर एक महिला एवं पुरुष योग प्रशिक्षक को राजस्थान सरकार ने मानदेय के आधार लगाए गए है ये योग प्रशिक्षक तीन वर्षो से कार्यरत है इन योग प्रशिक्षकों को अक्टूबर नवम्बर 2 महा का बकाया मानदेय राशि का भुगतान कार्यालय उप निदेशक आयुर्वेद विभाग सिरोही द्वारा आज दिन तक नहीं कीया गया है और दिसम्बर माह भी आदा खत्म हो गया है ऐसे में 2 माह से मानदेय नहीं मिलने पर , इन सिरोही जिले में कार्यरत लगभग 50 योग प्रशिक्षको के परिवार को चलाना मुश्किल, व परिवार आर्थिक संकट खड़ा हो गया है आज योग प्रशिक्षकों की समस्या को लेकर आज आयुष नर्सेज महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष (योग शिक्षक) ललित मेघवाल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को मेल पत्र लिख कर सिरोही जिले के आयुर्वेद चिकित्सालय/ औषधालय मे संचालित की हैल्थ एवम वैलनेस सेंटरो पर कार्यरत लगभग 50 योग प्रशिक्षकों को 2 माह का जल्द से जल्द करवाने की मांग की है आयुर्वेद निदेशालय अजमेर की पत्र क्रमांक दिनाक 23/10/2024 के आदेश पत्र अन्तर्गत सिरोही जिले के योग प्रशिक्षको के लिए 640000 व महिला योग प्रशिक्षको के लिए 300000 मानदेय राशि मार्च 2025 तक कर दी गईं थी,कार्यालय उप निदेशक आयुर्वेद विभाग सिरोही के कार्मिकों की लापरवाही एवम् हट धर्मिता के कारण 2 माह का बकाया भूगतान नही किया जा रहा है।

आयुष नर्सेज के प्रदेश उपाध्यक्ष ललित मेघवाल ने बताया कि निदेशालय आर्युवेद विभाग राजस्थान सरकार के निदेशक डॉक्टर आनंद शर्मा से whatsapp पर बात करने पर बताया कि जल्द 2 माह का बकाया भुगतान करवा दिया जाएगा।

Rajasthan Tv 24
Author: Rajasthan Tv 24

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जवाई पुलिया हुआ खोखला, शिवगंज सुमेरपुर के बीच आवागमन हुआ प्रभावित – पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने शीघ्र मरम्मत की उठाई मांग – लोढ़ा ने कहा,यह सरकार का निकम्मापन की स्वीकृति के डेढ़ साल बाद भी पूल का निर्माण नहीं शिवगंज। जवाई बांध से छोड़े गए प्रचुर मात्रा में पानी के कारण जवाई पुलिया की स्थिति गंभीर हो गई है। इसका अवलोकन करने के लिए सोमवार को पूर्व विधायक संयम लोढ़ा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ जवाई पुलिया पहुंचे। उन्होंने पुलिया का निरीक्षण किया और उसके बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों से फोन पर बात कर वस्तुस्थिति से अवगत करवाया। मीडिया से बातचीत में संयम लोढ़ा ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पूर्णतः निकम्मापन है। वर्ष 2024 में जवाई पूल के निर्माण की स्वीकृति हो गई थी, लेकिन डेढ़ साल बीतने के बावजूद आज तक निर्माण कार्य नहीं शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि अब बांध से पानी छोड़ने के कारण पुलिया के अंदर की संरचना पूरी तरह खोखली हो चुकी है। नुकसान का सही आकलन तो पानी के बंद होने के बाद ही संभव होगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने रविवार को दावा किया था कि दो दिन में पुलिया से आवागमन शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन पुलिया की वर्तमान स्थिति देखकर ऐसा सम्भव नहीं लगता। जवाई बांध में अभी भी भारी पानी की आवक बनी हुई है, जिससे कई दिनों तक निकासी जारी रहेगी और नदी में पानी का तेज बहाव बना रहेगा। पुलिया डेमेज होने के कारण आम नागरिकों को शिवगंज से सुमेरपुर पहुंचने में आधा घंटा अतिरिक्त समय लग रहा है। पूर्व विधायक लोढ़ा ने पीडब्ल्यूडी विभाग से सर्वोच्च प्राथमिकता पर कार्य शुरू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पुलिया के खंबे भी टूट चुके हैं, जिसका आकलन कर युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य शुरू किया जाए, ताकि आमजन को इस कठिनाई का सामना लंबे समय तक न करना पड़े। संयम लोढ़ा ने यह भी सुझाव दिया कि पुल के निर्माण को चौड़ा करने का निर्णय लिया गया है, इसलिए रिवर फ्रंट साइड को नुकसान न पहुंचाते हुए रपट वाली साइड में पूल को 4 मीटर तक बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि यह रिवर फ्रंट शिवगंज-सुमेरपुर के लोगों के लिए एक प्रिय जगह बन चुकी है, अतः इसका सौंदर्य एवं उपयोगिता दोनों बरकरार रखी जाए।

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जवाई पुलिया हुआ खोखला, शिवगंज सुमेरपुर के बीच आवागमन हुआ प्रभावित – पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने शीघ्र मरम्मत की उठाई मांग – लोढ़ा ने कहा,यह सरकार का निकम्मापन की स्वीकृति के डेढ़ साल बाद भी पूल का निर्माण नहीं शिवगंज। जवाई बांध से छोड़े गए प्रचुर मात्रा में पानी के कारण जवाई पुलिया की स्थिति गंभीर हो गई है। इसका अवलोकन करने के लिए सोमवार को पूर्व विधायक संयम लोढ़ा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ जवाई पुलिया पहुंचे। उन्होंने पुलिया का निरीक्षण किया और उसके बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों से फोन पर बात कर वस्तुस्थिति से अवगत करवाया। मीडिया से बातचीत में संयम लोढ़ा ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पूर्णतः निकम्मापन है। वर्ष 2024 में जवाई पूल के निर्माण की स्वीकृति हो गई थी, लेकिन डेढ़ साल बीतने के बावजूद आज तक निर्माण कार्य नहीं शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि अब बांध से पानी छोड़ने के कारण पुलिया के अंदर की संरचना पूरी तरह खोखली हो चुकी है। नुकसान का सही आकलन तो पानी के बंद होने के बाद ही संभव होगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने रविवार को दावा किया था कि दो दिन में पुलिया से आवागमन शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन पुलिया की वर्तमान स्थिति देखकर ऐसा सम्भव नहीं लगता। जवाई बांध में अभी भी भारी पानी की आवक बनी हुई है, जिससे कई दिनों तक निकासी जारी रहेगी और नदी में पानी का तेज बहाव बना रहेगा। पुलिया डेमेज होने के कारण आम नागरिकों को शिवगंज से सुमेरपुर पहुंचने में आधा घंटा अतिरिक्त समय लग रहा है। पूर्व विधायक लोढ़ा ने पीडब्ल्यूडी विभाग से सर्वोच्च प्राथमिकता पर कार्य शुरू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पुलिया के खंबे भी टूट चुके हैं, जिसका आकलन कर युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य शुरू किया जाए, ताकि आमजन को इस कठिनाई का सामना लंबे समय तक न करना पड़े। संयम लोढ़ा ने यह भी सुझाव दिया कि पुल के निर्माण को चौड़ा करने का निर्णय लिया गया है, इसलिए रिवर फ्रंट साइड को नुकसान न पहुंचाते हुए रपट वाली साइड में पूल को 4 मीटर तक बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि यह रिवर फ्रंट शिवगंज-सुमेरपुर के लोगों के लिए एक प्रिय जगह बन चुकी है, अतः इसका सौंदर्य एवं उपयोगिता दोनों बरकरार रखी जाए।